पुणे:-

श्रीमद् जगद्गुरु शंकराचार्य श्री श्री राघवेश्वर भारती महास्वामीजी……

श्रीमद् जगद्गुरु शंकराचार्य श्री श्री राघवेश्वर भारती महास्वामीजी रामचंद्रपुर मठ के 36वें पीठाधीश्वर हैं। यह मठ आदि शंकराचार्य द्वारा स्थापित अद्वैत वेदांत परंपरा से संबद्ध माना जाता है।
उन्होंने 1994 में अपने गुरु श्री राघवेन्द्र भारती स्वामीजी से संन्यास दीक्षा ग्रहण की और 1999 में रामचंद्रपुर मठ के पीठाधीश्वर पद को सुशोभित किया। उनके नेतृत्व में मठ ने धर्म, संस्कृति, शिक्षा और सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए हैं।
स्वामीजी विशेष रूप से गोसंरक्षण, वेद-प्रचार, संस्कृत संवर्धन, पर्यावरण संरक्षण तथा समाजसेवा के लिए जाने जाते हैं। उनके मार्गदर्शन में अनेक धार्मिक अनुष्ठान, आध्यात्मिक शिविर, गोशालाएँ तथा लोककल्याणकारी परियोजनाएँ संचालित हो रही हैं।
रामचंद्रपुर मठ का मुख्यालय होसानगर (शिवमोग्गा, कर्नाटक) में स्थित है, जबकि गोकार्ण के निकट अशोके को मठ की मूल पीठ माना जाता है। स्वामीजी अपने आध्यात्मिक संदेश, सरल जीवन और सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार के माध्यम से देश-विदेश के लाखों श्रद्धालुओं का मार्गदर्शन कर रहे हैं।
इस प्रकार श्री राघवेश्वर भारती महास्वामीजी प्राचीन गुरु-परंपरा के एक प्रतिष्ठित आचार्य के रूप में धर्म, संस्कृति और मानव सेवा के कार्यों को निरंतर आगे बढ़ा रहे हैं।




